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हेल्थ --डेंगू के बुखार से सतर्क रहने की आवश्यकता- क्या है लक्षण ? और क्या है बचाव?? बता रही हैं वरिष्ठ डॉक्टर सीमा मधुवार

  Publish Date: Aug 29 2019 5:38PM IST
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डेंगू के बुखार से सतर्क रहने की आवश्यकता- क्या है लक्षण ? और क्या है बचाव?? बता रही हैं वरिष्ठ डॉक्टर सीमा मधुवार---–------ ग्लोबल लाइव न्यूज़ हेल्थ डेस्क --मनुष्य का शरीर ईश्वर की अनुपम रचना है इसे पूर्ण स्वस्थ रखना प्रत्येक मनुष्य का दायित्व है, हमें यह समझना होगा कि रोग चाहें वह डेंगू, मलेरिया डायरिया या अन्य कोई भी रोग क्यों बढ़ रहे हैं, इस दुविधा को समझना बहुत आवश्यक है, हम सब को एकजुट होकर रोग की जड़ को ही मिटाना होगा, इसमें प्रत्येक व्यक्ति का योगदान बहुत जरूरी है, क्योंकि कहा भी गया है कि "पूरे राष्ट्र के स्वास्थ्य का रहस्य वहां के लोगों के घरों में छिपा है, हमें अपने स्वास्थ्य की रक्षा स्वयं ही करनी होगी, क्योंकि बीमार होने से अच्छा है स्वस्थ रहने की कोशिश करना, यदि हम दैनिक जीवन में थोड़ी सी सावधानियां रखें तो हम किसी भी संक्रमण से बच सकते हैं, किसी भी एक वर्ग या समुदाय पर जिम्मेदारी थोपकर हम अपने दायित्व से बच नहीं सकते, बीमारी का पहला कारण गंदगी है, दुःख की बात तो यह है कि सारी बीमारियों की जड़ हम स्वयं सींच रहे हैं | मलेरिया या डेंगू का नाम सुनते ही शरीर में कंपन होने लगता है, इस रोग की उत्पत्ति मादा ऐनाफिलीज़ मच्छर के काटने से मलेरिया के जीवाणु फैलते हैं, तो मादा मच्छर ऐडीज़ ऐजिप्टाई के काटने से डेंगू ज्वर के जीवाणु फैलते हैं, घर के आसपास बने गड्ढों, छत पर रखे टूटे बेकार सामान में, नाली के गंदे पानी में, कितने ही प्रकार के मच्छर उत्पन्न होकर तरह तरह के रोगों की उत्पत्ति करते हैं, सभी मच्छर गंदे पानी में रहना पसंद नहीं करते, घर की छत पर लगी पानी की टंकी, कूलर, व रसोई के बरतनों में भरे पानी में भी मच्छर अण्डे देकर पानी को दूषित करके रोग फैला सकते हैं, डेंगू के मच्छर दिन में ही काटते हैं विशेषकर सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय | डेंगू ज्वर में शरीर और हड्डियों में तीव्र दर्द होता है, सबसे पहले हाथों की अंगुलियों में तेज़ दर्द होता है, और यह दर्द एक जगह से दूसरी जगह पर हट हट कर होता है, बुखार में पांच छः दिन बाद खसरे की तरह के दाने निकलते हैं, जीभ का स्वाद बिगड़ जाता है, भूख खत्म हो जाती है, बेचैनी महसूस होती है, बुखार 102-105 डिग्री तक चढ़ता है फिर दो तीन दिन में ठीक होने के बाद दोबारा भी हो सकता है | डेंगू के लक्षण प्रकट होते ही नज़दीकी डॉक्टर से सलाह लें, साथ ही कुछ सावधानियां भी ज़रूरी हैं जैसे -जल्दी पचने वाला खाना लेना चाहिए, पेट साफ रहना चाहिए, खुले हवादार स्थान में रहना चाहिए, तेज़ बुखार होने पर ठंडे पानी की पट्टी ऊपर से नीचे की ओर करनी चाहिए, इसके अलावा लौकी के गोल कटे हुये टुकड़ों से हथेली और पैर के तलवों को भी मलने से तेज बुखार में राहत मिलती है | सात पत्ते तुलसी, सात दाने काली मिर्च, एक दाना पीपल और दो लौंग -इन सबको एक कप पानी में डालकर काढ़ा बना लें फिर छानकर मिश्री मिलाकर सुबह शाम खाली पेट सेवन करें | नीम की पांच कोपलों में पांच काली मिर्च और थोड़ा सा नमक मिलाकर चटनी बनाकर सुबह शाम लें | अमरूद को भूनकर खाने से मलेरिया में राहत मिलती है | नारंगी के छिलकों को पानी में उबालकर उसका पानी पियें जामुन के पेड़ की छाल पांच ग्राम लेकर पीसें फिर उसमें गुड़ मिलाकर सेवन करें, अदरख, तुलसी, काली मिर्च, दालचीनी को पानी मिलाकर आधा रहने तक पकायें काढ़े का सेवन करें, इस रोग के आक्रमण के पूरे समय तक और यहां तक कि बहुत बाद तक भी रोगी को भूख न लगने की शिकायत रहती है ऐसे में रोगी को जबरदस्ती भोजन न दें, सब्जियों के सूप जौ का पानी, और दूध दिया जा सकता है, कच्ची कड़वी सब्जियां फायदेमंद होती हैं, बशर्ते सब्जियां ठीक तरह से धुली हों, पत्ते वाली सब्जियां, मेथी, हींग, अदरख और लहसुन बहुत फायदेमंद है, फलों का सेवन अधिक मात्रा में करें, चीकू, संतरा, चकोतरा अंगूर, मौसमी, अनार प्याज़, पोदीना, साबूदाना विशेष लाभकारी हैं, दस बारह पत्ते तुलसी के प्रतिदिन खायें, पपीते की दो पत्तियों का दो चम्मच जूस प्रतिदिन लें, दलिया, खिचड़ी जैसा आहार लें इस प्रकार यदि मरीज़ दवा के साथ परहेज़ पर भी ध्यान देगा तो कोई भी बीमारी देर तक नहीं टिक सकती | (डॉ. सीमा मधवार) मच्छरों से छुटकारा पाने के प्राकृतिक तरीके - 1-अपने घर के आसपास सफाई रखें, कूड़ा करकट जमा नहीं होने दें, 2-रुका हुआ पानी इकट्ठा न होने दें 3-कुछ पौधे जैसे -जिरेनियम, तुलसी, लेवैन्डर, लैमनग्रास, यूकेलिप्टस, गेंदा, रोजमैरी, नीम, गिलोय, पुदीना आदि लगायें 4-लार्वा खत्म करने के लिए रुके हुये पानी में क्लोरीन डालें 5-यूकेलिप्टस के तेल में रुई भिगोकर कमरे में रखें 6-एक कप पानी में कुछ बूंदें नीबू और यूकेलिप्टस के तेल की मिलाकर स्प्रे बॉटल में भरकर कमरे में स्प्रे करें 7-कमरे में कपूर का छोटा सा टुकड़ा रखकर 15 मिनट के लिए कमरा बंद कर दें 8-नीम और नारियल तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर शरीर पर लगायें 9-घर के अंदर नीम, तुलसी, लैमनग्रास, गेंदा, पुदीना के पत्ते रखें 10-एरोमैटिक लैंप में लैवेंडर और नीम के तेल को जलाकर रखें 11-मच्छरदानी का प्रयोग करें 12-हल्के रंग के कपड़े पहनें 13-हेयर स्प्रे या परफ्यूम इस्तेमाल न करें 14-रोज सुबह इन औषधियों का काढा बना कर पियें -गिलोय (तना), नीम, आम, अमरूद,तुलसी के पत्ते, बहेडा आदि 15-यदि सब उपाय करने के बावजूद कोई भी बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो तुरन्त डॉक्टर की सलाह लें

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