हेल्पलाइन: +91-956 852 4734
  • Breaking News

ताज़ा
खबरे

  • फरियादियों से मिलने का अंदाज एन डी तिवारी जैसा है तीरथ का
  • क्या आप चाहते है स्वस्थ और निरोगी दांत ? तो जानिए डेंटिस्ट डॉ. स्वाती सिंघल की ये सलाह : -
  • आख़िर क्या है वैक्सीन का सफर ? ज्योति आर्या की रिपोर्ट
  • हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र सिंह बिष्ट की सलाह :
  • जवाहरनगर में राष्ट्रीय मशरूम दिवस पर कार्यशाला आयोजित
  • जानिए कोरोना में डॉ गौरव सिंघल की सलाह:

ख़बरें विस्‍तार से

टीबी एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनते ही टेंशन हो जाती है। हालांकि प्रॉपर इलाज और कुछ नई तकनीकियों ने इसके इलाज को आसान बना दिया है।

  Publish Date: Mar 24 2021 12:18PM IST
टैग्स: टीबी

टीबी एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनते ही टेंशन हो जाती है। हालांकि प्रॉपर इलाज और कुछ नई तकनीकियों ने इसके इलाज को आसान बना दिया है। टीबी यानी ट्यूबरक्‍युलोसिस बैक्टीरिया से होनेवाली बीमारी है। सबसे कॉमन फेफड़ों का टीबी है और यह हवा के जरिए एक से दूसरे इंसान में फैलती है। मरीज के खांसने और छींकने के दौरान मुंह-नाक से निकलने वालीं बारीक बूंदें इन्हें फैलाती हैं। ऐसे में मरीज के बहुत पास बैठकर बात की जाए तो भी इन्फेक्शन हो सकता है। फेफडों के अलावा ब्रेन, बच्चेदानी, आँख, मुँह, पेट,आँत, गले और हड्डी आदि में भी टी.बी हो सकती है । फेफड़ों के अलावा दूसरी कोई टीबी एक से दूसरे में नहीं फैलती। टीबी खतरनाक इसलिए है क्योंकि यह शरीर के जिस हिस्से में होती है, सही इलाज न हो तो उसे बेकार कर देती है। फेफड़ों की टीबी फेफड़ों को धीरे-धीरे बेकार कर देती है तो यूटरस की टीबी बांझपन की वजह बनती है, ब्रेन की टीबी में मरीज को दौरे पड़ते हैं तो हड्डी की टीबी हड्डी को गला सकती है।

टीबी का इलाज पूरी तरह मुमकिन है। टीबी का इलाज लंबा चलता है। इसे ठीक होने में 6 महीने से 2 साल तक का समय लग सकता है।

डॉ. गौरव सिंघल

एम बी बी एस, एम डी, ई डी ए आर एम

वरिष्ठ श्वास, छाती एवम् गहन चिकित्सा विशेषज्ञ

Dr. Gaurav Singhal | Neelkanth Hospital, Haldwani

रिपोर्टर

अगली प्रमुख खबरे

आप का कोना